बंद से क्या महंगाई कम हुई..?

शाहनवाज आलम

05 जुलाई को बढ़ती महंगाई के खिलाफ विपक्ष ने भारत बंद का आहवान किया। बंद सफल रहा या असफल ? यदि बंद के समर्थक पार्टियों की मानें तो बंद सौ फीसदी सफल रही। देश के कुछ हिस्से में बंद प्रभावी और कुछ में निष्प्रभावी साबित हुआ। ज्यादातर बंद का असर उन प्रदेशों में देखा गया जहां विपक्ष सत्ता में है। बंद समर्थक दरअसल सफल इसलिए मान रहे है क्योंकि उस दिन हवाई जहाज नहीं उड़ी, रेलगाड़ियों का परिचालन ठप रहा, दुकानें बंद रही और सड़कों की रफ्तार रूक गई। अनुमान के मुताबिक एक दिन के भारत बंद से देश को लगभग 20 करोड़ का नुकसान हुआ। यदि तार्किक तौर पर मानें तो यह बंद असफल रहा, क्योंकि बंद का उद्देश्य था-महंगाई कम हो। क्या महंगाई कम हो गई ? भारत बंद के द्वारा विपक्ष मंहगाई के खिलाफ सरकार को जगाने की कोशिश कर रही है। उस सरकार को जो खुद ही महंगाई की जानकारी आम जनता तक पहुंचाती है। देश के अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री बार-बार महंगाई कम होने के बजाय बढ़ने का ढाढस बंधाते है। तो फिर क्या आम आदमी को यह बताने की कोशिश की जा रही है ? आम आदमी से भला कौन जानता है कि कितनी महंगाई है ? आखिर किस लिये था यह बंद।
दरअसल यह बंद थी राजनीति चमकाने के लिए। आम जनता को बताने के लिए कि विपक्ष अपना काम को पूरी जिम्मेदारी के साथ कर रही है। मगर लेफ्ट-राइट के इस सामूहिक बंद में नेता कहीं भी साथ नजर नहीं आये। जिस तरह से आम जनता के सहयोग की आशा विपक्ष पार्टियां कर रही थी उस तरह से आम जनता बंद के समर्थन में रोड पर नजर नहीं आयी। क्या विपक्ष इस पर विचार करेगा कि ऐसे समय आम जनता उसके आयोजन में सहभागी क्यों नहीं बनी जब बढ़ती महंगाई उसे वास्तव में त्रस्त कर रही है ? कमर तोड़ महंगाई को लेकर केंद्रीय शासन संवेदनहीनता का परिचय दे रहा है उसे देखते हुए होना तो यह चाहिए था कि विपक्षी दल ऐसे माहौल बनाते कि जनता खुद-ब-खुद सड़कों पर उतर आती। बंद को सफल बनाने के लिए जो जतन किए गए उससे यही संदेश गूंजा कि महंगाई से त्रस्त जनता को विपक्ष ने और त्रस्त किया। भले ही आम जनता त्रस्त हो लेकिन बंद के बहाने नेताओं की नेतागिरी सफल रही। जिस आम आदमी का नाम लेकर यह सब किया गया। सबसे ज्यादा नुकसान उसी आम आदमी को हुआ। एक दिन की रोजी मारी गयी और नुकसान हुआ वो अलग। आम आदमी से किसी को कोई सरोकार नहीं है। आम जनता तो सीधा सा लक्ष्य है भेदने के लिए। सब के सब उसी के नाम पर रोटियां सेंकते है और उसी के रोटी भी छीनते है।
निःसंदेह विपक्ष को मंहगाई के खिलाफ रोष जताने का अधिकार है लेकिन क्या सड़क और रेल मार्ग बाधित करने के अतिरिक्त और कुछ नहीं किया जा सकता है ? क्या बंद समर्थक विपक्ष पार्टी के शासित प्रदेश में महंगाई के दुष्प्रभाव अलग है और अन्य दलों द्वारा शासित प्रदेशों में अलग है ? बेहतर होता कि विपक्ष इसे लेकर एकजुट होने के साथ आम जनता को विश्वास में लेकर केन्द्र सरकार को घेरने का काम करती और खाने-पीने की सामग्री के साथ अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने की वजह तलाश करती।

10 comments

नमक बिना स्‍वाद कहां ?
महंगाई तो नमक है।

inflation par sarkar or vipakshya ko ek saath milkar jaroor sochna chaiye.. main aapki baat se sahmat hoon..

bahut sahi kaha apne sir.....opposition aur left dwara is band ka ailan matra ek political agenda tha.....aur bandh ke naam par bechare majdoor varg k logon ki ek din ki kamai gayi jisse kai logon gharon mey ek din chulha jalna tak mushkil ho gya....aur in sab ka natija ultimately zero...i totally agree to wat you mentioned sir....

aapka vichar bilkul sahi hai...

mehangai to iss desh ki nasib ban gaiyee hai..

i agree.. this gov is useless

bhai mai band ka samarthak hu..kam se kam Manmohan singh aur rahul gandhi ko malum to ho ki UPA ka vikalp hai is desh me..NDA KHADI HAI...LEFT WALE AA GYE SATH ME TO THIK HI HAI .tumne apne vichar ko achhe se prastut kiya.....BADHIYA HAI...HAN IS BAT KA DUKH MUJHE BHI HAI KI LOGO KI ROJI ROTI KA NUKSAN HUA.

upa ko mahngai kam karne ke liye kuch thos upay krna hi chahiye.....ab tumhare hisab se band galat hai to....jo sahi hai whi karo.....lekin chup mat raho....MANMOHAN-SONIYA-RAHUL BOLE TO CONGRES KO AISA LAGNE LGA HAI KI UNKE SIVAY DESH KO KOI CHLA HI NAHI SAKTA.....DIJL-PETROL-LPG GAS, SAB MAHNGA KAR DIYA GYA...SIRF UDYOGPATIYON KO KHUS RAKHNE KE LIYE....TAKI UNHE CHANDA MILTA RAHE......YE SARASAR ANYAY HAI....USI JANTA KE SATH JISKI EK DIN KE NUKSAN KE LIYE TUMNE CHINTA VYAKT KI HAI.......MANMOHAN SINGH TO SARTHI HAIN....RATH TO WAHIN LE JAYENGE JHAN RATH PAR SAWAR SONIYA AUR RAHUL KAHENGE....MAI ISKA VIRODH KARTA HUN.....BAKI TUMNE JO LIKH HAI....TUMHARA ADHIKAR HAI...LIKHO-LIKHTE RAHO..ALL D BEST.

kya baat hai apka vichar dhanya hai,agar savi log apki soch par chale to duniya ka kaya palat ho jayega.
aap dhanya hai,apki soch dhanya hai,apki vichar dhanya hai or aap to mahan hai

subhchintak
keshav jha
dhanbad

kuch aur bhi bate likhne ki, Shanawaj g likhte rahe